1980 के दशक और 1990 की शुरुआत मे तुलसी कॉमिक्स काफ़ी लोकप्रिय थी. लेकिन राज कॉमिक्स, डायमंड कॉमिक्स और मनोज कॉमिक्स से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा और ज्यादातर साधारण कहानियो और कला वाली कॉमिक्स के कारण तुलसी कॉमिक्स आख़िरकार बंद हो गई. इस प्रकाशन के प्रमुख किरदार थे अंगारा, तौसी, जम्बू, बाज़, योशो, योगा, आदि. इनके अलावा तुलसी कॉमिक्स नई और जनरल कहानियो पर कॉमिक्स प्रकाशित करती थी जो भूत - प्रेत, राजा - रानी, पौराणिक, जादू - टोना, तिलिस्म, आदि पर आधारित होती थी. तत्कालीन प्रतिस्पर्धा मे बाकी कॉमिक प्रकाशन मुख्य किरदारों को जोड़ियों मे निकालने का फार्मूला लाये थे जैसे मनोज कॉमिक्स ने राम-रहीम, अमर-अकबर, सागर-सलीम, आदि सीरीज प्रकाशित की, डायमंड कॉमिक्स ने चाचा-भतीजा, मोटू-पतलू, राजन-इकबाल, आल्तुराम-फाल्तुराम, आदि सीरीज निकाली. पर तुलसी कॉमिक्स ने ऐसी कोशिशे नहीं की.
साथ ही तुलसी कॉमिक्स की कोई 'self contained' (यानी एक कॉमिक मे पूरी होने वाली कहानी की) कॉमिक कम ही छपती थी. ऊपर से उनकी ज्यादातर कहानियो मे नयापन नही होता था. उनकी बहुत सी कॉमिक्स फिल्म्स, विदेशी उपन्यासों की कॉपी होती थी. तुलसी पॉकेट बुक्स से जुड़े कुछ उपन्यासकारों ने भी तुलसी कॉमिक्स के लिए कहानियाँ भी लिखी है जिनमे सबसे प्रमुख है मेरठ के जाने माने लेखक श्री वेद प्रकाश शर्मा. उन्होंने मुख्यतः जम्बू सीरीज के लिए काम किया. जो भी हो तुलसी कॉमिक्स के रूप मे भारतीय कॉमिक उद्योग के एक स्तंभ का दुखद अंत हुआ. आशा है की आगे ऐसे कई कॉमिक प्रकाशनों के साथ कॉमिक्स का स्वर्णिम युग ज़रूर लौटकर आएगा.
नमस्ते! इस ब्लॉग परिवार के सभी सदस्यों और इसके पाठको को. मेरा नाम मोहित शर्मा है और मै लखनऊ, उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ. मै इक्कीस वर्षीय परास्नातक छात्र हूँ. बाकी जानकारी आगे देता रहूँगा.