Wednesday, June 16, 2010

Social Comics यानी सामाजिक चित्रकथायें





किसी भी सफल और बड़े व्यवसाय मे सबसे बड़ा हाथ उस जनता का होता है जिसको वो व्यवसाय किसी भी तरह का फायदा देता है और बदले मे लोग उस उद्योग को सफल बनाते है. वैसे तो अब अधिकतर कॉमिक्स प्रकाशन बंद हो चुके है पर डायमंड कॉमिक्स, राज कॉमिक्स और अभी हाल ही मे दोबारा शुरू हुई अमर चित्र कथा भी ऐसे सफल और प्रगतिशील प्रकाशन है. वैसे तो ये कॉमिक प्रकाशन अपना काम बखूबी निभा रही है पर फिर भी समाज के प्रति उसकी कुछ जिम्मेदारियां और ऋण बनते है. मै चाहता हूँ की राज कॉमिक्स, आदि को अपने ये ऋण "Social Comics" या "सामाजिक चित्रकथा" नामक सीरीज़ प्रकाशित करके उतारना चाहिए. अगर कुछ कॉमिक्स का ये प्रयास सफल होता है तो इसे आगे भी जारी रखा जा सकता है. हालाकि, "World Comics India" नामक संस्था सामाजिक विषयों पर कॉमिक्स प्रकाशित करती है पर उसका स्तर और पहुँच अभी सीमित है.


वैसे राज कॉमिक्स सामाजिक विषयो को आधार बना कर अपने किरदारों पर कॉमिक्स छापती रही है. इन किरदारों मे प्रमुख है डोगा, गमराज, तिरंगा, शक्ति, आदि. पर किसी किरदार के साथ ऐसे सामाजिक विषयो का प्रकाशन ठीक नहीं क्योकि उस किरदार की कहानी ही उस सामाजिक विषय और उस से जुडी बातों पर हावी हो जाती है. जिस वजह से ऐसी बातों पर पाठको का ध्यान नहीं जाता और लेखको, कलाकारों के प्रयास व्यर्थ हो जाते है.

इसलिए मुझे लगता है की "अन्य सीरीज़" की तरह ऐसे विषयों को लेकर अलग से एक सीरीज़ बननी चाहिए जिसमे हर कॉमिक मे किसी नए मुद्दे को उठाया जाये. जहाँ तक ऐसे विषयो की बात है तो उनकी कमी नहीं है... सामाजिक भेद-भाव, ग्रामीण कुरीतियाँ, दहेज़ उत्पीडन, घरेलु हिंसा, गरीबी, भुखमरी, यहाँ तक की प्रमुख रूप से शहरो मे होने वाली Ragging, Eve Teasing जैसी समस्याओ को भी शामिल किया जा सकता है. सिर्फ इन समस्याओं को दिखाना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए बल्कि इनके हो सकने वाले प्रमुख संभावित समाधान और पाठको को सीख भी मिलनी चाहिए. इन कॉमिक्स का सबसे बड़ा फायदा ये होगा की आम लोगो का कॉमिक्स के प्रति सुना सुनाया नजरिया बदलेगा की कॉमिक्स केवल बच्चो के लिए होती है.

राज कॉमिक्स की वेबसाइट पर मैंने 'eve teasing' पर "बड़ी देर हो गयी!" नामक परिकल्पना भी पोस्ट की है. जिसका वेबलिंक ये है. -

http://www.rajcomics.com/index.php?option=com_content&view=article&catid=17%3Astory-plots&id=1915%3ABadi-Dair-ho-Gayi&Itemid=246&lang=en

आप लोग Social Comics/सामाजिक चित्रकथा के बारे मे क्या सोचते है?

4 comments:

  1. नमस्ते,

    आपका बलोग पढकर अच्चा लगा । आपके चिट्ठों को इंडलि में शामिल करने से अन्य कयी चिट्ठाकारों के सम्पर्क में आने की सम्भावना ज़्यादा हैं । एक बार इंडलि देखने से आपको भी यकीन हो जायेगा ।

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  2. बहुत अच्छी और जरूरी सोच ....

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  3. अरे आभा जी, आप भी कामिक्स प्रेमी हैं मुझे नहीं पता था.. धन्यवाद हमारे इस कामिक्स परिवार में पधारने के लिए..

    और मोहित को भी धन्यवाद जो हमें इस और सोचने कि प्रेरणा देने वाला पोस्ट लिखे हैं..

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  4. Thanks! मै ऐसे ब्लोग्स पोस्ट करने की कोशिश करता रहूँगा. indli जी, आपका दिया लिंक भी अच्छा है वहां योगदान देने की कोशिश ज़रूर करूँगा

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