Wednesday 30 November 2011

काव्य कॉमिक

कॉमिक्स की विशेषता यह होती है की वो कला के दो माध्यमो (चित्रकला और कहानी) का संगम होती है और पाठक को दोनों का रस देती है. एक छुटभईये लेखक और कवी होने की वजह से मेरे मन के किसी कोने मे कविता और चित्रों के मेल की बात उठी जो मैंने कहीं पढ़ा नहीं. पर अपने अनुभव से बता रहा हूँ और मुझे पक्का पता है की दुनिया इतनी विशाल है की ऐसे प्रयास भी पहले हो चुके होंगे. कभी-कभी किसी कहानी की परिकल्पना मैंने अपने मन मे सहेज रखी होती है, पता चलता है की वो किसी फिल्म, नाटक, किताब मे पहले ही दिखाई जा चुकी है.

यहाँ मैंने एक प्रतिभावान कलाकार (जिनका नाम आपको कॉमिक्स आने पर ही
पता चलेगा) के साथ मिलकर एक 'काव्य कॉमिक' बनायीं है जो सन 1984 मे घटी दो दुखद घटनाओ भोपाल गैस काण्ड और सिख विरोधी दंगो के दर्द को कल्पना मे पिरो रही है. थोडा काम अभी बचा है. इस काव्य कॉमिक से 3 दृश्य यहाँ बाँट रहा हूँ. बहुत कम होता है की मेरा मन किसी काम मे लगता है. आशीर्वाद दीजियेगा. 





2 comments:

Bobby said...

God bless you. waiting for your comic.

PD said...

बहुत बढ़िया मोहित भाई. I am eagerly waiting for it.