Sunday, January 4, 2009

ध्रुव के दुश्मन !!



यहाँ इस चिठ्ठे पर मेरी पहली पोस्ट है। ध्रुव मेरा सबसे पसंदीदा कौमिक हीरो है,पर आज मैं अपने उन पसंदीदा विलेनों की चर्चा करूँगा जिनका सामना ध्रुव से हुआ। ये वो किरदार है जिन्होने बार बार मुझे दीवाना बनाया है :

1. महामानव- महामानव की पहली कौमिक पढ़ने से पहले मैं इसके एक-दो और कौमिक पढ़ चुका था।ये मुझे हमेश से प्रिय था पर जब 'महामानव' पढ़ी,तब से ये मुझे राज कौमिक्स द्वारा निर्मित सबसे ज़ोरदार विलेन लगने लगा।मुझे याद है की इस कौमिक में डायनासौर के मरने की वजह पढ़के मैने राज कौमिक्स की रचनात्मकता की बहुत सराहना की थी। जलजला मे जब महामानव के किरदार को बड़ा महत्व मिला,तो इससे भी मुझे बहुत खुशी हुई। मानसिक शक्तियों से युक्त महामानव मेरे लिये सबसे खास विलेन है ।



2. क्विज़ मास्टर और विदूशक- 'क्विज़मास्टर' और 'दुश्मन' मैने लगभग एक ही समय पढ़ी थी। दुश्मन कई साल पहले मैने कहीं खो दी थी,पर क्विज़मास्टर को मैं शायद हज़ार बार पढ़ चुका हू। 'मुझे मौत चाहिये' के बाद ये मेरी पसंदीदा कौमिक्स है। 'एवर-रेस्ट','आ-हट','चट्टान' जैसे जवाबो को मैं कभी भूल नही सकता,उसी तरह इसका एक डायलौग कि 'अंधेरे के बाद और और अंधेरा आता है' मेरे लिये बहुत यादगार है।
इसी प्रकार विदूशक का किरदार भी बहुत मस्त था। जब विदूशक कहता है"बताओ मेरे पीछे भिखमंगे की तरह क्यों लगे हो",वो शायद मेरे कौमिक जीवन का शायद सबसे मज़ेदार पल है। विदूशक जितना जीवंत बहुत कम किरदार लगा है मुझे। अफ़सोस की बात है की ये दोनो सिर्फ़ एक-एक कौमिक्स में आये.गौरतलब है की ये बैटमैन के 'जोकर' और 'रिडलर' पर आधारित पात्र है,शायद ये एक वजह हो कि राज कौमिक्स ने इनका अधिक उपयोग नही किया।



3. नक्षत्र- बिल्कुल ध्रुव जैसा एक पात्र रचा गया और इसकी 'जंग' ध्रुव से हुई। नक्षत्र भी अब तक सिर्फ़ एक कौमिक्स में आया है,जो की ध्रुव की बेहतरीन कौमिको मे एक है। मुझे अब तक नक्षत्र के जेल से बाहर आने का इंतज़ार है ।



4. बौना वामन- खूनी खिलौने से ही इसने मेरे दिल मे एक जगह बना ली थी। पर बौना वामन ने एक 'स्पेशल अपीयरेंस' मे शायद सबसे अधिक मज़ा दिया। कौमिक "मैने मारा ध्रुव को" मे वह बायोट्रोन को जिस प्रकार अपनी कहानी सुनाता है,मज़ा आ गया था,आखिर बौना वामन एक ना एक ट्रिक बचाकर रखता है ।



5. डौक्टर वायरस- डौक्टर वायरस मुझे काफ़ी रीयलिस्टिक विलेन लगा है हमेशा से। काफ़ी हद तक ये शक्तिमान के डौक्टर जैकाल की याद दिलाता है। वायरस के प्लान हमेशा बहुत खतरनाक रहे है और मुझे उम्मीद है की भविष्य मे फ़िर इसे किसी ज़ोरदार कौमिक मे देखने का मौका मिले। शायद अलकेमिस्ट और डौक्टर वायरस को कभी साथ लाया जाये ।



6. अन्य विलेन- ग्रैंड मास्टर रोबो एक बहुत अहम विलेन रहा है और इसे काफ़ी महत्व भी दिया है राज कौमिक वालो ने। अगर कभी ध्रुव पर फ़िल्म बने तो मुझे पूरी उम्मीद है कि उसमे रोबो की भूमिका अहम होगी। ध्वनिराज और चुंबा को विज्ञान के सिद्धांतों पर आधारित करके बनाया गया है। चुंबा की हाल की कौमिक्स मैने नही पढ़ी है पर इससे पहले तक मेरा ये मानना है कि चुंबा का प्रयोग राज कौमिक्स ने भरपूर नही किया है ।



तो ये थे वो मुख्य विलेन जिन्होने ध्रुव के साथ मेरी कौमिक यात्रा को बेहद सुखद बनाया है। उम्मीद है की आप लोगो की भी यादें ताज़ा हुई होंगी ।

7 comments:

  1. बहुत बढ़िया सजल.. सभी एक से बढ़कर एक कैरेक्टर हैं ध्रुव के कामिक्स की..

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  2. Sajal Sahab, Aapka Swagat hai...Behtareen Post Hai..Vaise Mujhe Dhruv Ke Purane Villains Bhi Kafi Pasand Hain...

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  3. Prashant Bhaiya...thanks,yehi to Dhruv ki comics mein chaar chand lagaate hai :)

    Toonfactory Sir...mujhe bhi purane villain pasand hai...par puraane vilaains ko itna use nahi kiya raj comics waalo ne...ek chandkaal ka naam zaroor miss kar gaya main

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  4. वाह...सारे ध्रुव-विलेनों का लेखा-जोखा ईकट्ठा पढ़ कर मजा आ गया.वैसे देखा जाय तो "बौना वामन" भी सुपरमैन को आतंकित कर रख देने वाले दो प्रमुख किरदार "प्रैंक्सटर" और "ट्वायमैन"
    पर ही आधारित है
    प्रयास बड़ा ही सराहनीय है.
    मेरा सलाम !!!

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  5. धड़ामधूडूम वाह, छा गये

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  6. धन्यवाद गौतम जी और विनय जी.. :)

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  7. nice to see all the villains at one place. I have read all the Dhruva comics and if u recall the old comics it was hard to judge which one is best.. from Pratisodh ki jwala to Jigsaw.. all were awesome..

    But the comics which was simply superb as far story, graphics, presentation was, i believe " grand master Robo"

    after dimond fauladi sing " gloab ka antank" series i think Grand masetr robo is another Kohinoor for me..

    one thing i am not sure and will be grateful if any of you can enlight me..

    why now a days the inking, graphics of indian comics is ( Raj included) is getting westernized..

    i donot see the colours of old comics any where.. ?

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