Saturday, August 2, 2008

प्रतिशोध की ज्वाला

हर पीढी का अपना एक नायक होता है.. जैसे मुझसे 10-15 साल पहले वाली पीढी के लोगों के लिये वेताल और मैंड्रेक नायक हुआ करते थे.. उस समय भारत में इंद्रजाल कामिक्स का प्रभुत्व हुआ करता था.. सो उस पीढी के नायक भी उसी प्रकाशन से छपने वाली कामिक्स की हुआ करती थी.. ठीक वैसे ही मेरी पीढी के लिये नायक ध्रुव और नागराज जैसे हीरोज हैं.. जब पढना अच्छे से सीख गया था उसी समय ये सभी नायक राज कामिक्स नामक प्रकाशन से छपना शुरू हुये थे जो अभी तक प्रकाशित हो रहे हैं..

आज मैं आपके सामने लेकर आया हूं सुपर कमांडो ध्रुव की पहली कामिक्स "प्रतिशोध की ज्वाला" इस कामिक्स में बताया गया है कि कैसे एक लड़का सर्कस के कलाबाजी दिखाते दिखाते क्राईम फाईटर बना जिसके भीतर कुछ असाधारण गुण थे.. इसकी पहली कामिक्स में बस एक चरित्र निर्माण जैसी बाते ही की गई हैं मगर जब मैं आपके सामने एक एक करके इसकी कामिक्स लेकर आऊंगा तब मेरा दावा है कि आप सभी इसके दिवाने हो जायेंगे.. आप इसे पढें और अपनी राय दें की कैसी लगी आपको मेरी पहली पोस्ट की हुई कामिक्स?

Download Link : प्रतिशोध की ज्वाला

इसे पढने के लिये इस साफ्टवेयर का प्रयोग करें..

8 comments:

  1. प्रशांत भाई.. हमने ही वो कॉमिक्स डाउनलोड किया है.. अजी शीर्षक पढ़ते ही समझ गया था ये अपनी वाली कॉमिक्स है.. बहुत बहुत शुक्रिया इस लिंक के लिए..

    ReplyDelete
  2. धन्यवाद सर जी..
    आज आपको बहुत बढिया कामिक्स पढवाने का प्लान है.. :)
    वैसे तो ढेर सारे कामिक्स नेट पर यूं ही बिखरे हुये हैं मगर मैं ये सारे कामिक्स खुद ही अपलोड करके आप लोगों के सामने दे रहा हूं, ताकी आगे कभी कोई लिंक काम करना बंद कर दे वाली बात ना हो जाये..

    ReplyDelete
  3. वाह वाह वाह साधुवाद मैं कबसे तलाश कर रहा था ऐसे किसी ब्‍लाग की । मैं तो आपको सलाह दूंगा कि कहीं से भी मुझे एस्‍ट्रिक्‍स और कढ़ाहे का रहस्‍य पढ़वा दें और अगर हो सके तो मधु मुस्‍कान सीरीज के कामिक्‍स जिसमें चुस्‍तराम सुस्‍तराम, भूतनाथ और जादुई तूलिका हो जासूस बबलू हो ये पढ़वा दें आपको दुआएं दूंगा । और हां पिकी, चाचा चौधरी, भी पढंवा दें । आपको इत्‍ता इत्‍ता इत्‍ता धन्‍यवाद जो आपने मेंरे अंदर के बच्‍चे का ध्‍यान रखा । किसी का शेर है
    मेरे मन के किसी कोने में इक मासूम सा बच्‍चा
    बड़ों की देख के दुनिया बड़ा होने से डरता है

    ReplyDelete
  4. sab aayenge.. 1-1 karke.. intazaar karte rahiye..
    saath me aayegi mere bachapan ki kahani bhi.. :)

    ReplyDelete
  5. आपने बचपन की यादें ताजा कर दीं। भीतर एक बैठा एक बच्चा अब जिद करेगा कि पापा कॉमिक्स लाअो।
    रवींद्र व्यास, इदौर

    ReplyDelete
  6. बडे प्यारे लिंक उपलब्ध करवाये हैं, शुक्रिया।

    ReplyDelete
  7. जनाब मैंने बचपन में ये कॉमिक्स पढ़ी थी... मैं सुपर कमांडो ध्रुव और नागराज का बड़ा तगड़ा फैन था... आपने तो सचमुच बचपन की यादें ताजा कर दीं। शुक्रिया।

    ReplyDelete